मनसा देवी मंदिर , बिलवा पर्वत पर स्थित है । इस मंदिर का अपना धार्मिक महत्व है। मंदिर परिसर तक पहुँचने के लिए विशेष “ रोप-वे” ट्रॉली का भी प्रबंध किया गया है। साल भर यहाँ देवी के भक्तों का तांता लगा रहता है।
“चंडी देवी मंदिर” , हर की पैड़ी से मात्र 2-3 किलोमीटर की दूरी पर नील पर्वत पर स्थित है । यहाँ पहुँचने के लिए विशेष “ रोप-वे” ट्रॉली लगाई गई है। इस मंदिर का निर्माण कश्मीर के राजा सुचात सिंह ने कराया था। ऊंचाई पर स्थित इस जगह से पूरे हरिद्वार का विहंगम दृश्य दिखाई देता है।
दक्ष महादेव मंदिर एवं सती कुंड भी हरिद्वार के प्रमुख धार्मिक स्थलों मे से एक है। यह स्थल हरिद्वार से मात्र 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। दक्ष महादेव का प्राचीन मंदिर पूरे भारत मे प्रसिद्ध है।
भारत माता मंदिर , एक बहुमंजिला मंदिर है , जो कई धर्मो का आस्था स्थल है। “हर की पैड़ी” से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सप्तऋषि स्थल है जहां गंगा नदी कई छोटी छोटी धाराओं मे विभाजित होती है। सैलानिओ को यह दृश्य बहुत मनोरम लगता है। यहाँ एक सप्तऋषि आश्रम भी है।
नील धारा पक्षी विहार मे भी शीत ऋतु मे कई विशेष देशी और विदेशी पक्षी देखे जा सकते हैं। इसके अलावा राजाजी नेशनल पार्क के अंतर्गत “ चीला” भी एक पर्यटन स्थल है जहां जंगली जानवरों को नजदीक से देखा जा सकता है ।गुरुकुल काँगड़ी विश्वविद्यालय भी अपनी प्राचीन शिक्षा पद्धति के लिए प्रसिद्ध है। बाबा राम देव द्वारा स्थापित पतंजलि योगपीठ , भी योगकेन्द्र के रूप मे प्रसिद्ध है।https://en.m.wikipedia.org/wiki/Haridwar